कहानी 1
लेट नाइट ओवरटाइम
नेहा और मैनेजर अर्पित — रात नौ बजे ऑफिस में डेडलाइन, और उससे ज़्यादा कुछ।
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कहानी 2
बॉस की नज़र
रिया नई थी, बॉस विक्रम की नज़र अलग थी — एक शाम केबिन में सब बदल गया।
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कहानी 3
कॉन्फ्रेंस रूम
राहुल और colleague पूनम — मीटिंग के बाद खाली कॉन्फ्रेंस रूम में जो हुआ, वो agenda में नहीं था।
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कहानी 4
ऑफिस पार्टी की रात
साक्षी और team lead अरुण — फेस्टिव पार्टी के बाद एक cab में जो हुआ, वो agenda में नहीं था।
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कहानी 5
सहकर्मी का प्यार
तीन साल एक टीम में, एक ही कॉफी मशीन पर — आयुषी और रोहन का वो दोपहर का lunch।
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कहानी 6
लिफ्ट में मुलाकात
निखिल और ईशा — रोज़ सुबह लिफ्ट में तीस सेकंड, फिर एक दिन लिफ्ट बंद हो गई।
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कहानी 7
बिज़नेस ट्रिप
प्रिया और colleague देव — मुंबई की दो रातें, अलग rooms, और एक रात जब सब बदल गया।
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कहानी 8
इंटर्न की कहानी
काव्या की internship के आखिरी हफ्ते में mentor आदर्श ने जो कहा — वो काव्या हमेशा याद रखेगी।
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कहानी 9
प्रेज़ेंटेशन के बाद
समर और नंदिता — बड़े client के बाद खाली ऑफिस में एक सवाल जिसने सब बदल दिया।
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कहानी 10
ऑफिस का राज़
रश्मि और team lead विशाल — तीन महीने का छुपा हुआ राज़ जो एक शाम बाहर आ गया।
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